Saturday, December 25, 2010

(1)
बिलकुल आपकी तरह ही हम भी बदल नहीं सकते
आप हमें और हम आपको समझ नहीं सकते
फर्क बस इतना है -
आपने हमें ठुकरा के कहा "न दोस्ती न प्यार, बस करेंगे आपसे बातें ही "
औ' हमने आपको अपना के कहा "अब जा, जी ले अपनी जिंदगी " ||......... 'ॐ साईं
 
(2)
मरहम दर्द बनी है और दर्द दवा हो रहे हैं
जाने क्यों मेरे टूटे अरमाँ फिर से जवाँ हो रहे हैं. . .
(3)
जीना है एक बार और ज़िन्दगी भी एक बार. . . तो क्यूँ ना सुनूँ अपने दिल की पुकार . . .
(4)
आजकल हर पल ज़िन्दगी इन्तहां है
कभी दांव पे इज्ज़त कभी लगी जाँ है. . .
(5)
न जाने कब ये कैसे कहाँ हो गया
हमने न चाहा फिर भी आँखों से बयाँ हो गया
रह सकते तो ज़िन्दगी भर चुप ही रहते
पर न जाने कब ये आँखें हो गयी गुस्ताख और दिल जवाँ हो गया . . . 
(6)
ना जाने ज़िन्दगी ये कैसी इन्तहां ले रही है
जब जीना सीखा तभी मौत बुला रही है. . .

Monday, November 1, 2010

-: Babaji Take Care :-


Babaji take care of my dear,
at times of want I can’t be there.
So helpless so tongue-tied am I, :(
won’t be able to console & revive.
Hands-tied & forbidden to come near, :(
Babaji take care of my dear.

No touch of affection, no healing pills,
carrying no right to study the pulse.
Just can I lean to my Almighty’s stake, :(
To ease my delicate’s all ache.
Do strengthen for all ailing to bear,
Babaji take care of my dear. . .
-: :) Get Well Soon :) :-

Sunday, October 31, 2010

My Darling Sweetie - Shy

Cutie Pie – O’ Cutie Pie-
My darling sweetie shy.
Lost in the world so dark,
You made me cry a lot.
I missed your smile so charismatic
chubby cheeks & eyes so magnetic.
Your absence made my life so dry.
Happy to see you back my Sweetie-Shy
Sweetie-Shy O’ Sweetie-Shy
My darling Cutie-Pie.

Cutie-Pie – O’ Cutie-Pie,
My darling Sweetie-Shy.
My breath impedes & nerves go numb,
Yippee! You’re back to my sight.
Strives my heart to spill out & jump,
For you’re my air, you’re my sprite.                                 (sprite = fairy)
Deity of long hair & looks so native-coy,
My soul dances to celebrate the joy.
Time to rejoice the sight so cheery,
Yeah it’s time to sink in back span memory.
Sweetie-Shy, O’ Sweetie-Shy
My darling Cutie-Pie.

Cutie-Pie – O’ Cutie-Pie
My darling Sweetie-Shy
Welcome to the world so heartwarming,
that heaven & this soil so love-starving.
God made us with that one motive
‘to love-to share’ & not to live so subjective.
When life’s calling you to live your life,
how can you hold back to sort what’s wrong-what’s right?
Sweetie-Shy, just believe once what your heart says,
& see it would take you to life where HEAVEN stays.
Subject so known but feeling so new,
Life’s been always beautiful, it never screw.
Think upon Cutie-Pie, O’ Cutie-Pie
My darling Sweetie-Shy.




Wednesday, October 6, 2010

जब तू मुझसे मिलने चली आती है. . .

सूरज की वो पहली किरण बनकर
खिड़की से झाँक मुझको जगाती है|
सुबह की ताज़ी हवा में समाई
वो रोज़ मुझसे मिलने चली आती है |
सुकून की हवा में बिगड़े बाल सँवारकर
हौले से मुझे सहलाती है |
कभी तेज़ झोंकों में आ -
मुझसे यूँही लड़ती-झगड़ती है |
चिड़ियों की धुन में प्यार भरकर
वो मीठा प्रेम गीत सुना जाती है |
सुहाने मौसम में बारिश की बूंदे बनकर
लिपट मुझसे वो रोया करती है |
पत्तों से छींटें मार तो कभी ओले बरसाकर
वो मुझसे फिर खेला करती है |
सतरंगी इन्द्रधनुष बनकर -
फिर 'कैसी लग रही हूँ मैं' वो मुझसे पूछा करती है |
कभी मोरनी की पंकों में -
मोहिनी वो मेरा मन मोह ले जाती है |
मेघ-गर्जना की मस्ती में वो
नित नृत्य संग मेरे कर जाती है |
कभी धुप बन मुझे सताती है'
कभी शाम बन मुझे मनाती है |
चांदनी रातों में श्रृंगार कर, दूर से मुझे निहारती है
बहकता है दिल औ' पास उसे मैं बुलाता हूँ |
शर्माकर वो भोली, बादलों में जा छुप जाती है |
उसे देखने के इंतज़ार में मेरी आँखें लग जाती हैं,
औ' मिलने उसे सपनों में खो जाता हूँ |
फिर चुपके से वो बादलों से बाहर आकर -
रात भर मुझे निहारा करती है |
सच है प्रियसी -
बड़ा अच्छा लगता है जाने-अनजाने में,
जब तू मुझसे मिलने चली आती है ||

Tuesday, September 21, 2010

missing your smile. . .

Days back when they called me teen
One magical smile I had seen.
No handshake - no verbal relation
just a glance of that smile diluted my tension.

Shoulders down & eyes nearly dead
a beatless heart with a heavy head
messed up & wondered what's life all about
went up to hills & I used to shout.
The moment when nobody cared-
to stand by me, that magical smile dared.

Holding my breath that blissful smile
made me forget everything for a while.
It spread a devine peace around
a magical heal to my wound.
closed my eyes I tried -
to listen that smiling twitter
& heard, 'the secret to life lies here'-
which made me feel better.
Even today I remember that smile when I'm sad,
and with full enthusiasm I come back.
Days back when they called me teen,
One magical smile I had seen. . .

Saturday, August 21, 2010

. . . Last Night

Two eyes came to me last night
with love showering sight wet and red
'At last I've come to you', they said
'I've forgiven for each mistake you did'
'I've forgotten all your mischievous deed'
'for today I've understood the truth of your sight.'

Two eyes came to me last night
blessed my life and kissed my sight
quenched my years of thirst

and said, 'I Love You Too' &eyes shown the trust.
'let the world bother, I worry not'
'let my neck slaughter, I worry not'

'for today I've known the owner of my sight.'

Two eyes came to me last night
drained all worries of my life
sipped all tears of my eyes
'You're mine forever & ever', they said
'I can't live without YOU'
'I won't mind dying for YOU'
'for today I've understood -
YOU're my man & the only man for ME'
Two eyes came to me last night. . .

दिल बोले इंतज़ार कर

थक गए तुम्हारी राह तकते-तकते
मंजर का अब तक नामों-निशाँ नहीं
बर गए तेरी याद में जलते-जलते
आगे निकल गए तुम, हम रह गए पीछे कहीं
बैठें हैं ताक में, झरिया के झाग पर-
औ' दिल बोले- अब भी इंतज़ार कर ||

काटने को दौड़ें ये खामोश दीवारें
बड़ा चुभाए ये आलम-ए-तन्हाई
सूख गयी आँखें नित बहा अस्कों की धारें
गूंगा रहा मालिक, ना हुआ दरबार-ए-खुदा सुनवाई
थक गयी है रूह सितम-ए-इश्क बर्दाश्त कर
औ' दिल बोले- अब भी इंतज़ार कर ||

थक गए हम कोटि मन्नतें मांग-मांग
सुनता रहा वो मालिक बहरा
थक गए हम ज़ालिम समय की पीड़ा लांघ लांघ
न छंट रहे ये काले बादल न छना ये कोहरा
न जाने कैसे रहे तुम खुस हमें बर्बाद कर
औ' दिल बोले- अब भी इंतज़ार कर ||

आओ देखो हम वहीँ जहाँ
तुम छोड़ गए जिस मुकाम पर
क्यों ले रहे बताओ मेरे सब्र का इंतहान
क्या आओगे अब मेरी मय्यत की खबर जानकर ?
टूट गए हैं हम अपने जिस्म-ओ-जान से
औ' दिल बोले- अब भी इंतज़ार कर ||

बस आ जाओ अब और नहीं
अब और न तडपाओ मेरी जान
तेरे बिन तो मैं हूँ ही नहीं
तुम मेरे खुदा, मेरा सर्वस्व तेरे नाम
नहीं  हो सकता कोई इन्सां इतना पत्थर
आ जाओ बस - अब आ जाओ खुदा के नाम पर
 क्योंकि दिल बोल रहा बस अब मत इंतज़ार कर ||

  

Sunday, August 1, 2010

सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम

Happy Friendship Day, The SASAA (Saurav Amresh Sukesh Akshay UK Akshay Sug)Group Love u ALL... U'v really been wid me always during my tough times. This Poem is on d Get Together of we 3 friends, Amresh, Saurav, Sukesh...we shared some special moments & something happened vry special. . . sukku, baba read ths !!

सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम
गरजते बादलों से वो घिरा आसमान
यारों की यारी और वो बिजुल सुनसान
याद आये वो पल, वो पल मेहरबान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

दोस्तों की मस्ती वो मस्ती का जाम
मिलन का जस्न वो बाइक की सवारी
सुकेश की जिद सौरव की होशियारी
याद आये वो पल, वो कल मेरी जान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

वो भीगी जमीं भिगाता असमान
काँपता बदन वो चाय की चुस्की
बहता बिजुल और वो खाली बोतल की कस्ती
याद आये वो बिजनेस, वो बिजनेस प्लान
...सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

वो बाइक चलाने की होड़ वो सुक्कू की जीत
प्रेम गली का मोड़ वो हॉउस न0 की शीट
वो धड़कता दिल उनके दीदार की आश
याद आये वो पल, वो कल मेरी जान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

उनका अचानक दिखना अचानक पलों का थमना
अर्शे बाद नज़रों का मिलना वो हुस्न आशिकाना
वो दिल में जमी बर्फ आँखों से पिघलना
याद आये वो जान, वो जान मेरी जान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

वो पल भर में दिखना पल में खो जाना
उनके दीदार का जस्न वो मुड़कर उन्हें देखना
गूंथे लम्बे बाल, वो बाल में बीता कल नज़र आना
याद आये वो भीगी, वो भीगी शाम मेरी जान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

Thursday, July 29, 2010

Heart Speaks. . .

"when I cried to save me, she tried to kill me
when I asked to kill me, she saved me
when I said I Love You, she said she don't
when I learnt to live without her,
she said She can't survive without Me. . ."


  
"Just as a showpiece I placed to decorate my room, I want to keep you to decorate my LIFE forever. . . with no expectations - no demands."

"My Heart Is Burning To Get Bitterly Saline
Today Again I'm Missing That Someone Who Was Never Mine"

"When my eyes r open, U r d Problem of all Solutions....
when my eyes r closed, U r d Solution of all Problems ||"


"If u r mad after something (be it anything) & u r not ready to drop down even after 100+ trials, counsels, advices, in-calls. . . Keep going, continue ur madness. It's now d nature's indication - come on, increase ur speed & complete ur job."

Saturday, June 26, 2010

सब कुछ एक वादे के लिए....

लगाम को रखा है थाम
और गम की पी ली है जाम
सब कुछ एक वादे के लिए....
मौत को दिया है जिंदगी का नाम
और सर ले ली है हर इलज़ाम
सब कुछ एक वादे के लिए...
अपनी जिंदगी बना बैठा गुजरे पलों का कब्रिस्तान
और खुद मुह्हबत के हाथों बेंच आया हूँ ईमान
सब कुछ एक वादे के लिए...
उनकी यादों के बिना रहा ये दिल सुनसान
और हमारे लब्ज़ हमसे ही हो गए गुमनाम
सब कुछ एक वादे के लिए...
ना रहा एक तिनके का सहारा मैं आशिक बदनाम
और लोग कहते हैं ये लो आ गए पी के भाईजान
सब कुछ एक वादे के लिए....
भींगी थी पलकें और हथेली पे थी जान
और तभी हमने दे दी उन्हें जुबान
सब कुछ एक वादे के लिए...
जिंदगी खफ़ा है और ना है मौत मेहरबान
नाजुक है पल और दर्द ले रहा इंतहान
सब कुछ एक वादे के लिए....

Friday, June 25, 2010

Back to my work very SINCERELY (n NOT seriously) this time. . .

. . . waiting till life comes on track means to keep waiting till infinity. . . friends life means moving ahead regardless of whatever comes to u. Keep doing your work, keep dreaming n realizing it. Everything (d result) has its certain time n d particular way of getting delivered. Just carry on d journey n wait to see if there exists an Oasis to relax n get rejuvenated. . . face all mirages tactfully n keep on going till eternity. . . . as here an amazing fact about human life goes on. . . There is no destination to any or everything. . ." Time never passes, its we people who COME and GO" . . .world is endless, Destinations endless. . . . our work , our dreams r endless, ................. keep going is d moral of d story. . .

And if we have to keep going ever , then y not happily n merrily. . . Dear Friends -- "BE EVER SINCERE BUT NEVER SERIOUS. . . . ."

Monday, June 21, 2010

(1)
न रही मेरी जिंदगी में अब तो तू बस एक एहसास है
न रही पाने की ख्वाइस अब तो तेरा कही होना ही खास है ||

(2)

हम से ना पूछो गम क्या है, हमने तो ग़मों के पोखर में रहकर ही खुशियों के सागर को तलाशा है ||

(3)

ना जाने उन्होंने ये कैसा खेल खेला-
कुँए से निकाल हमें खाई में धकेला ||

(4)

हाँ, आपको चाह कर मुस्काना छोड़ दिया,
आपको याद कर आंसू बहाना छोड़ दिया,
चाहते हुए भी न आशिक बन पाए
और न चाह कर भी हमने जमाना छोड़ दिया. . .

Friday, June 18, 2010

Why u don't sleep at the night. . .

The Clash of knowledge to enchanted plight
Dilemmas my head and damages the insight
I ponder around the whole day, & they ask-
Amresh ! Why u don't sleep at the night. . .


Thursday, June 17, 2010

Poems Written On My Friends, Nakhrali Party

Below are the poetic lines I had written on my friends, where they had to guess the name of the person as per the poetic lines on them. . .

उड़ते हैं हवा में जैसे पतंग
bike पे सवार लड़कियों के संग
न तो कुछ करते हैं न है बातों में दम
फिर भी महाशय को लगता है हम ना किसी से कम . . .
- Lakshit


लम्बा है कद और पतली काठी
काश वो होते हमारे सहपाठी
college के 1st day से ही मच गया शोर
और देख उन्हें seniors ने भी कहा
"ये दिल मांगे मोर". . .
- Riddhi, the complan girl

उनके नज़रों का असर समुन्दर से भी गहरा
मुश्कान से रोशन हसीं चेहरा
उनकी काया - सृस्ती की अनमोल रचना
ऐ आवारा दिलों के मालिक -
जरा अपने दिलों को थाम के रखना
इनके कातिल नज़रों के जाम से बचना. . .
- Sristi Shri


दिखती है professional, पर है spicy
करती है catwalk, पर looks है देशी
dieting पे दिया इतना ध्यान, की छोड़ दिया खान पान
और आजकल तो पड़ी मिलती हैं बेहोश, IPS की सीढियों पर
या hospital की खिडकियों पर . . .
- Shikha Soni


भोपाल की रानी, मधुर वानी
Scooty पे सवार , बेबी चली नदिया के पार
हर पल इन्हें लगता है डर,
कहीं मेरे बारे में हो ना जाए, किसी को कानोकान खबर. .
- Manisha Yadav


राधा कृष्ण की जोड़ी कहूँ या Juliet Romiyo
हर पल एक दूजे के साथ, एक पल भी अलग ना रह पाइयो. . .
- Anjali- Binu

हमारा नेता कैसा हो, हमारा नेता कैसा हो
"पण्डे जी की तो बात ही निराली
धुप हो या छाओं, हर वक्त खुशहाली
मोहिनी मुश्कान है, इस सीमेंट में जान है
ऊँचा है कद, गठीली काया,
नेता का पद, बोलो जय भाया
मजाल है कोई doubt मन में रह जाए
lecture जाए तो जाए, पर faculty बच ना पाए". . .
- Pankaj pandey


न बीके, न लड़की, न मोबाइल
पर महाशय, Shahrukh का Style
महाशय अपने style में शायर भी हैं
और असली मौकों पर कायर भी हैं
वाट लगाने में किस्मत न चोसे कोई मौका
practicle marks, attendence ho ya 'love sex aour dhoka'. . .
- Vijay Mishra


चींटी सी चाल, hair style कमाल
मरियल सी आवाज, पहने ताऊ का सरताज
बने हमारे सहपाठी, हैं Tripathi सर के नाती. .
- Mayank Tripathi

Fokat Gandhi
College में दीखते जैसे ईद का चाँद
short attendence और फ़ोकट बातों का बाँध
lecture में faculty का सिरदर्द
और campus के बहार सारी लड़कियों का हमदर्द. . .
- Puneet singh

भिंड के वासी, राजपूत किंग
green belt Tycando, अनुज सिंग. . .
- Anuj Singh

director के महापूत, खानदानी राजपूत
बातों में है दम, बंद ना किसी से कम
IPS के Brand Ambassador, Basket Ball Champion
जुबान से बहुत बड़े हवाबाज, पर दिले से Indian
बस. . अब क्या बोलूं और
प्लीज़ वेलकम चन्द्र पल सिंग गौर. . .
- Chandrapal Singh Gaur

Tuesday, May 11, 2010

Baby ! I remember the moment. . .

‘Life’s at stake, calling for a break
Memories I hold, time’s to unfold’

Baby I remember the moment,
I saw you last.
Those cute eyes, that chubby face,
All went down
& you were leaving the place.
I was there behind you,
Waiting for your final embrace.
But you never looked back
Known of the fact,
That someone’s eyes are wet
And that someone wants to stop you.
But you never cared & marched along.
Lying lifeless on the ground,
When I wanted to shout
And call your name.
And I remember, yes I remember,
Destiny had played a game
And I could not.
And then you disappeared
Leaving behind your fragrance.
but,
I could still smell your presence,
& felt you in my arms.
I could still see you in my eyes,
& dissolved in my breathe.
I saw your name thundering in skies
& my heart stopped to surrender.
Baby, you never were gone,
But I was left on that place all alone.
Baby I still remember
the moment, I saw you last.
And my heart keeps moaning
For it knows what it wants.
To never wave, & never to say bye
To my love, to my gone past..
Baby I still remember
the moment, I saw you last.

Tuesday, March 30, 2010

Teachers Day 2008

Teachers Day 2008
(dedicated to the Professors of IPS Academy)

आई पी एस के आँगन में, खुशियों के सावन में
मस्ती की कस्ती में, लहरों के संग - संग
आज इस दिवस पर झोम्मे जमीं और गगन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन ||

आई पी एस के हैं तारे हम, बी बी ए के चाँद सितारे हम
इसके ही पलकों पे जीना, इसका ही साथ निभाना
आई पी एस हमारा मंदिर है, देवता यहाँ के गुरुजन
पद पखरण को आये यहाँ, हम बी बी ए के शिष्यगन
नत है शीश - दे आशीष
तुमको समर्पित हमारा तन- मन- धन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन ||

है कस्ट बड़ा जीवन में, दर्द भरा दिल में
पर मार्गदर्शक बन हर पथ पे, सहारा दिया हर मुश्किल में
जीवन में ऊँचा उठा, हुआ सफल रही वही
जिसने लिया शिक्षक का शरण
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

जीवन के हर मोड़ पर बस तुम्हे ही पास पाया है
ख्यालों से लेकर रूह तक, बस तुम्हे ही बसाया है
बिसनेस के हर पहलु से हमें अवगत कराते
बिसनेस की हर शैली में हमें बात समझाते
आई पी एस जमी की नींव तो आई बी एम् आर छू रहा गगन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

15 july जब आई पी एस में रखा कदम
और HOD सर से पड़ा पाला था
मन में उमड़ी खुशियाँ, दिल में जाम का प्याला था
उनकी हर दांत, लगे प्यारी बात
उनकी हर बात लगे इस्वर उद्धृत वाक़
परम श्रमी-गुणों के धनि-हमारे शुभचिंतक
उन HOD सर, हीरो आफ दीपर्त्मेंट को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

आई पी एस नमक कम्पुटर में दिलराज नमक है सॉफ्टवेर
सबके दिलों पे चलता है राज, रंग रूप के हैंडसम फेयर
गठीली है कद काया, मॉडल सा है उनका बदन
हर साल बढे उनके नव्लेज का वर्जन
उद्धार कर दो हमारा भी सर, हम सब आपके वायरस गन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

Tripathi सर में हमें पिता की छवि नज़र आती है
आपके बिसनेस नोलेज में टाटा बिडला की हार नज़र आती है
रीसेंट से रीसेंट बिसनेस न्यूज़ की रहती है जानकारी
सच कहूँ सर, अआप तो आज तक चैनल हो हमारी

व्रिशिभा मैम के पढ़ने में जो लगन है, जितनी बोलूं वो कम है
हंसमुख चेहरा - मधुरस वाणी
सागर सी आँखें - उज्जवल प्राणी
कभी दांत कर, कभी समझकर, तो कभी शायरी मारकर
पढ़ाने का इनका जो अंदाज़ है
अपना तो हुआ उद्धार , हमें पूरा विश्वास है

आज इस दिवस पर हम जैसवाल सर को भी याद कर रहे
दूर से ही सही पर हम दिल से उन्हें वीश कर रहे
क्योंकि भवनाओं की आवाज नहीं होती
और दोस्तों, दूरियां दिली रिश्तों की मोहताज़ नहीं होती
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

इस होल में खुशियाँ मानाने आये थे
संकल्प लेकर जाएँगे
IBMR के कंगूरे को, बुलंदियों पर ले जाएँगे
सत सत म्हणत कर IPS का परचम दुनियां में लहराएँगे
अपना होगा नया आगमन, विपक्षियों का होगा दमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन ||

Teachers day 2009

Teachers day 2009
(Dedicated to teachers of IBMR, IPS Academy)

"जिगर जिंदगी की राह में जड़ न बन जाए
हो न ऐसा की हमरी गति धीमी पड जाए
सोच यही जब हमने IPS को बसाया
घबराया था खुदा भी उस दिन -
सोचा कहीं ये IPS, उनके भव्य स्वर्ग सा न बन जाए ||"

ढेरो सा प्यार लेकर
फिर वो मस्ती, दर्जनों उत्साह लेकर
शिक्षक का है दिवस, आया है पवन अवसर
झुका के शीश ले ले आशीष
करना है इनका सत्कार
हाँ आज हैं कहते हम दिल खोल बेशूमार
हैप्पी तिचेर्स डे - हैप्पी तिचेर्स डे बारम्बार

IPS की है वि जमीं, जहाँ हजारों जीवन सवंरता है
IBMR की छतों में ही शायद कहीं स्वर्ग बसता है
ज्ञान के पिटारे से अपने
पूरे करते हमारे सपने
हैं जो पथ दर्शक हर मार्ग में
आचार में- विचार में- सदाचार में
है समर्पित उन्हें सर्वस्व - जीवन का हर आधार
हाँ आज हैं कहते हम दिल खोल बेशूमार
हैप्पी तिचेर्स डे - हैप्पी तिचेर्स डे बारम्बार

अँधेरे इस दुनियां में,ज्वलित करें जो० ज्ञान की ज्योति
शिक्षक, बस ये शिक्षक नहीं, हैं ये ज्ञान जडित मोती
बन स्वयं नींव की ईंट
करवाते हमारी कंगूरे से मीत
हर मोड़ पर, हर राह पर, जीवन के हर मुकाम पर
दिलवाते हमें जीत
उन शिक्षक को हमारा कोटि नमस्कार
हाँ आज हैं कहते हम दिल खोल बेशूमार
हैप्पी तिचेर्स डे - हैप्पी तिचेर्स डे बारम्बार||

बागों में हर रोज़ ऐसे गुलाब खिला नहीं करते
संदीपा मैम सी हस्तियाँ हर रोज़ मिला नहीं करते
अनोखा है वेश, पुष्प सुसज्जित केश
communication skill का जवाब नहीं
इनके क्लासेस से अच्छा दूजा कोई ख्वाब नहीं

मनीष सर का dynamic style & facial arrangement
sir awesome are ur classes of marketing management.
मानसी मैम की तो बात ही निराली
धुप हो या छाओं , हर वक्त खुशहाली
कैपिटल बजेतिंग से मुस्कान बजेतिंग तक
मैम आप हो फैकल्टी केबिन से दिल तक....................................
...............................................................

My Heart Burns…

“My Heart burns in your reminiscence
Baby You don’t know...
My lamenting eyes melt to weep
Baby You don’t know.

My tears tell my story
Endowing my blood,
Slaughtering my glory
Baby You don’t know.

My gasping day and engulfed sleep
Borrows the pain, sorrows and strain
Baby You don’t know.

For you, so much I care
Really for the same do I swear
No matter how far how apart
Each instant you are in my heart
I still Love you
I still Miss you
Baby You don’t know…
O’ Baby You never know.”

मेरा जीवन इक डोर

मेरा जीवन इक डोर
बड़ा कमजोर-
न कोई ओर है न कोई छोर
बस इक सूत बिन टाका बिन जोड़
मेरा जीवन इक डोर |

इस डोर पर वार ताबड़तोड़
खंडित हो टुकडो में कोटि-
कष्ट झेले घनघोर |
पर इक आस्था सूत की महिमा बेजोड़
जो बार-बार , कोटि बार , हर बार-
हर टूटे सूत को जोड़े-
जिसका फिर ना कोई तोड़
मेरा जीवन इक डोर |

नाकामयाबी का चादर ओढ़
ये डोर ना भगा कभी मैदान छोड़
इक आस्था सूत की ही महिमा बेजोड़
शत्रु जो करते थे वार ताबड़तोड़'
आज हैं चरणधूल बने-
बाकि भागे उल्टे पांव घर की ओर |
मेरा जीवन इक ऐसा डोर
राम-नाम से होता इसका ओर
राम-नाम पे ही जा रुकता इसका छोर |
मेरा जीवन इक ऐसा डोर
मेरा जीवन इक डोर ||

Born To Tolerate...

Neither to be Frank
nor to mourn in Pain.
Dumb am I just Made-
tacitly, Born To Tolerate....

Neither to trounce the Scorn,
nor to bounce and march Along.
Crippled am I holding, tears to Shed
Tacitly to hold & bear the Headache.

As an ornament is to adorn a bridal Queen
As a current of water is to form a Stream
As a prick held in a thorn & so has always been,
So am I born with the same game
with no blunders - no claim,
Yet to Tolerate alone the whole Pain....

Each dawn brings a solitary Pain
& relays the dusk to fix the Chain.
Affixing the pillars of Silence-
Smashing the pillows in Vengeance
In a lonely world, rambling Alone
Washing away the joy with a murky foam,
I pretend to be innocent, though well known,
Just to hold back my hands and bow-
Confronting the heartless times of Woe.
Neither to express, nor to suppress
the pain I get-
Dumb am I just made-
Tacitly Born To Tolerate...

Sunday, February 14, 2010

You are so Great

-*- You are so Great -*-
(Poem On my Favourite Teacher)

(1)

“Heavenly was the day, we got u Here
In a light blue saree, and a face so Clear.
Sitting idle we guys, and were mooching in Malaise
When you entered making our class-A Paradise.
And then gathered we stood & together we said-
O…Ma’m…Our Sandeepa ma’m
You are so Great
You are really so Great”

(2)

Personality so Bold,
and friends-Just her looks you Behold.
Lovely is the face and nature so Jolly,
She speaks with a pace & voice so Glee.
Spellbound are the ones, who had her Glimpse
“Smashing are you ma’m, really ma’m of our Dreams!”
And today to honour her, we’re all Set.
So gathered we sing and together we state-
“O…Ma’m…Our Sandeepa ma’m
You are so Great
You are really so Great”

(3)

Every morning she appears like a morning Star
Flashing in a Blueline, neither on scooty nor in a Car.
Devotion in teaching, dedication in Care.
She owns the IPS throne, no doubt we swear.
Syllabus too short though, she owes her blood &Toils
To equip us with all brains and skills.
And to score well forever she remarks-
‘At the end of the day we are all working for Marks.’
Nimble in action she sways like a Jet
So gathered we sing and together we state-
“O…Ma’m…Our Sandeepa ma’m
You are so Great
You are really so Great”

(4)

She works with an adept Versatility.
“Ma’m! What to say of your awesome Personality.”
Complacent in behaviour, glorious her Smile
Deity for others and Gaity for self, while.
Eveready to help, she serves like a Mother,
Heals our woes, drills our Trouble.
Blessed are we to have her sacred stake,
So gathered we sing and together we state-
“O…Ma’m…Our Sandeepa ma’m
You are so Great
You are really so Great”

(5)

So eloquent in speech, so brainy so Stout.
“Ma’m! what to say of your curled hair-
at back swinging About”.
So admirable so inspirable, she’s an extrovert-
‘Lady with the Lamp.’
Almighty may bless you long life and health
Along with a Cheer Bank.
Bundles to say and share, but time limits to Spare.
Ma’m be with us forever and guide us to inculcate.
So gathered we sing and together we state-
“O…Ma’m…Our Sandeepa ma’m
You are so Great
You are really so Great”

Tuesday, January 26, 2010

केशिनी तेरे केशू "

केशिनी तेरे केशू "

बंध केशुओ में रमा रसिक सौन्दर्य
उस दिन-
जब हुए बंध-हीन |
एक टक सी आखें रह गयी देखती,
दृश्य उस पल-
फिर जो कभी न हुआ ओझल |

मधुरिमा का लगा ऐसा दुर्जर,
जैसे कोई अचम्भा -
स्वर्ग से आई हो कोई रम्भा |
मुस्कान से रोशन हसीं चेहरे पर ,
लग गए चार चाँद-
हुए बंध केशू जब, लाल पट्ट से आजाद |

केशिनी के मुख पर केशू लहराए ,
जैसे केशर संजोए मधुरानन |
उसपर मधुकरी मडाराए ,
सौम्य मुख का सुख पावन |

उलझे केशपाशों का लेकर बहाना ,
यूँ मर्म हथेलियों ने-
पूरे किये स्पर्स के सपने |
कुछ पे उंगलियाँ फिर ,
कुछ को कानो के पिच्छू दबा ,
बन बैठे हैं दुश्मन-
तेरी हथेलियाँ -
हमारे मन ही मन |

पर हम भी रोक न पाए ,
अपने अरमां |
"बहुत अच्छे लग रहे हो "
की दे डाली उपमा |
और यूँ पूरा किया अपना सपना |
देकर भावनाओं को अपनी जुबाँ |

एक अनोखी अनबुझी पहेली
बनकर
ढा गया मुझपर ,
केशिनी तेरा केशविन्यास |
बनकर एक एहसास ,
मुझमे समां गयी तू |
जब हुए थे बंध-हीन ,
हाँ उसी दिन ,
केशिनी तेरे-
केशू |

An Orphan’s Bewail

An Orphan’s Bewail

I dwell in crowd though so Lone
tongue-tied my emotions, resembling a Clone.
No one to love, no one to Care
For I’m an Earth’s burden, a curse to Bear.
I tame no hunger of rice & Bread
starved of motherly love & her arm’s Ledge.
Tell me what’s that Father’s Wishes?
A mother’s Lap & her lovely kisses?
Detained in a cage, filched of all vivacity
leading a daunted life full of scarcity.
No one to cuddle, none to watch my gloomy dale
Is there anyone to listen-
Is there anyone to listen-‘An Orphan’s Bewail’