Tuesday, March 30, 2010

Teachers Day 2008

Teachers Day 2008
(dedicated to the Professors of IPS Academy)

आई पी एस के आँगन में, खुशियों के सावन में
मस्ती की कस्ती में, लहरों के संग - संग
आज इस दिवस पर झोम्मे जमीं और गगन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन ||

आई पी एस के हैं तारे हम, बी बी ए के चाँद सितारे हम
इसके ही पलकों पे जीना, इसका ही साथ निभाना
आई पी एस हमारा मंदिर है, देवता यहाँ के गुरुजन
पद पखरण को आये यहाँ, हम बी बी ए के शिष्यगन
नत है शीश - दे आशीष
तुमको समर्पित हमारा तन- मन- धन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन ||

है कस्ट बड़ा जीवन में, दर्द भरा दिल में
पर मार्गदर्शक बन हर पथ पे, सहारा दिया हर मुश्किल में
जीवन में ऊँचा उठा, हुआ सफल रही वही
जिसने लिया शिक्षक का शरण
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

जीवन के हर मोड़ पर बस तुम्हे ही पास पाया है
ख्यालों से लेकर रूह तक, बस तुम्हे ही बसाया है
बिसनेस के हर पहलु से हमें अवगत कराते
बिसनेस की हर शैली में हमें बात समझाते
आई पी एस जमी की नींव तो आई बी एम् आर छू रहा गगन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

15 july जब आई पी एस में रखा कदम
और HOD सर से पड़ा पाला था
मन में उमड़ी खुशियाँ, दिल में जाम का प्याला था
उनकी हर दांत, लगे प्यारी बात
उनकी हर बात लगे इस्वर उद्धृत वाक़
परम श्रमी-गुणों के धनि-हमारे शुभचिंतक
उन HOD सर, हीरो आफ दीपर्त्मेंट को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

आई पी एस नमक कम्पुटर में दिलराज नमक है सॉफ्टवेर
सबके दिलों पे चलता है राज, रंग रूप के हैंडसम फेयर
गठीली है कद काया, मॉडल सा है उनका बदन
हर साल बढे उनके नव्लेज का वर्जन
उद्धार कर दो हमारा भी सर, हम सब आपके वायरस गन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

Tripathi सर में हमें पिता की छवि नज़र आती है
आपके बिसनेस नोलेज में टाटा बिडला की हार नज़र आती है
रीसेंट से रीसेंट बिसनेस न्यूज़ की रहती है जानकारी
सच कहूँ सर, अआप तो आज तक चैनल हो हमारी

व्रिशिभा मैम के पढ़ने में जो लगन है, जितनी बोलूं वो कम है
हंसमुख चेहरा - मधुरस वाणी
सागर सी आँखें - उज्जवल प्राणी
कभी दांत कर, कभी समझकर, तो कभी शायरी मारकर
पढ़ाने का इनका जो अंदाज़ है
अपना तो हुआ उद्धार , हमें पूरा विश्वास है

आज इस दिवस पर हम जैसवाल सर को भी याद कर रहे
दूर से ही सही पर हम दिल से उन्हें वीश कर रहे
क्योंकि भवनाओं की आवाज नहीं होती
और दोस्तों, दूरियां दिली रिश्तों की मोहताज़ नहीं होती
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन

इस होल में खुशियाँ मानाने आये थे
संकल्प लेकर जाएँगे
IBMR के कंगूरे को, बुलंदियों पर ले जाएँगे
सत सत म्हणत कर IPS का परचम दुनियां में लहराएँगे
अपना होगा नया आगमन, विपक्षियों का होगा दमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन
पूज्य शिक्षक को हमारा नमन ||

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