Saturday, August 21, 2010

. . . Last Night

Two eyes came to me last night
with love showering sight wet and red
'At last I've come to you', they said
'I've forgiven for each mistake you did'
'I've forgotten all your mischievous deed'
'for today I've understood the truth of your sight.'

Two eyes came to me last night
blessed my life and kissed my sight
quenched my years of thirst

and said, 'I Love You Too' &eyes shown the trust.
'let the world bother, I worry not'
'let my neck slaughter, I worry not'

'for today I've known the owner of my sight.'

Two eyes came to me last night
drained all worries of my life
sipped all tears of my eyes
'You're mine forever & ever', they said
'I can't live without YOU'
'I won't mind dying for YOU'
'for today I've understood -
YOU're my man & the only man for ME'
Two eyes came to me last night. . .

दिल बोले इंतज़ार कर

थक गए तुम्हारी राह तकते-तकते
मंजर का अब तक नामों-निशाँ नहीं
बर गए तेरी याद में जलते-जलते
आगे निकल गए तुम, हम रह गए पीछे कहीं
बैठें हैं ताक में, झरिया के झाग पर-
औ' दिल बोले- अब भी इंतज़ार कर ||

काटने को दौड़ें ये खामोश दीवारें
बड़ा चुभाए ये आलम-ए-तन्हाई
सूख गयी आँखें नित बहा अस्कों की धारें
गूंगा रहा मालिक, ना हुआ दरबार-ए-खुदा सुनवाई
थक गयी है रूह सितम-ए-इश्क बर्दाश्त कर
औ' दिल बोले- अब भी इंतज़ार कर ||

थक गए हम कोटि मन्नतें मांग-मांग
सुनता रहा वो मालिक बहरा
थक गए हम ज़ालिम समय की पीड़ा लांघ लांघ
न छंट रहे ये काले बादल न छना ये कोहरा
न जाने कैसे रहे तुम खुस हमें बर्बाद कर
औ' दिल बोले- अब भी इंतज़ार कर ||

आओ देखो हम वहीँ जहाँ
तुम छोड़ गए जिस मुकाम पर
क्यों ले रहे बताओ मेरे सब्र का इंतहान
क्या आओगे अब मेरी मय्यत की खबर जानकर ?
टूट गए हैं हम अपने जिस्म-ओ-जान से
औ' दिल बोले- अब भी इंतज़ार कर ||

बस आ जाओ अब और नहीं
अब और न तडपाओ मेरी जान
तेरे बिन तो मैं हूँ ही नहीं
तुम मेरे खुदा, मेरा सर्वस्व तेरे नाम
नहीं  हो सकता कोई इन्सां इतना पत्थर
आ जाओ बस - अब आ जाओ खुदा के नाम पर
 क्योंकि दिल बोल रहा बस अब मत इंतज़ार कर ||

  

Sunday, August 1, 2010

सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम

Happy Friendship Day, The SASAA (Saurav Amresh Sukesh Akshay UK Akshay Sug)Group Love u ALL... U'v really been wid me always during my tough times. This Poem is on d Get Together of we 3 friends, Amresh, Saurav, Sukesh...we shared some special moments & something happened vry special. . . sukku, baba read ths !!

सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम
गरजते बादलों से वो घिरा आसमान
यारों की यारी और वो बिजुल सुनसान
याद आये वो पल, वो पल मेहरबान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

दोस्तों की मस्ती वो मस्ती का जाम
मिलन का जस्न वो बाइक की सवारी
सुकेश की जिद सौरव की होशियारी
याद आये वो पल, वो कल मेरी जान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

वो भीगी जमीं भिगाता असमान
काँपता बदन वो चाय की चुस्की
बहता बिजुल और वो खाली बोतल की कस्ती
याद आये वो बिजनेस, वो बिजनेस प्लान
...सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

वो बाइक चलाने की होड़ वो सुक्कू की जीत
प्रेम गली का मोड़ वो हॉउस न0 की शीट
वो धड़कता दिल उनके दीदार की आश
याद आये वो पल, वो कल मेरी जान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

उनका अचानक दिखना अचानक पलों का थमना
अर्शे बाद नज़रों का मिलना वो हुस्न आशिकाना
वो दिल में जमी बर्फ आँखों से पिघलना
याद आये वो जान, वो जान मेरी जान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||

वो पल भर में दिखना पल में खो जाना
उनके दीदार का जस्न वो मुड़कर उन्हें देखना
गूंथे लम्बे बाल, वो बाल में बीता कल नज़र आना
याद आये वो भीगी, वो भीगी शाम मेरी जान
सुहाने मौसम की वो सुहानी शाम ||