Thursday, September 1, 2011

एक और पड़ाव

एक और पड़ाव जिंदगी के सफ़र का
मेरा जन्मदिन, 
दे गया जो खुशियाँ- मैं तो बेखबर था
वक्त के पहिये पर चलती जिंदगानी
जन्मदिन के बहाने ये ढलती जवानी
पतवारें हैं दोस्त ये दोस्ती है साहिल
शोले में था दोस्त, दोस्ताना में भी शामिल
यादों की डोली में होगी मस्ती की दुल्हन
याद आयेगी ये शाम, इस शाम की हुडदंग
मस्ती की कस्ती में हम, है उमंग बेशाबर सा
एक और पड़ाव जिंदगी के सफ़र का
मेरा जन्मदिन, 
दे गया जो खुशियाँ- मैं तो बेखबर था


शुक्रगुजार हूँ ऐ दोस्त, जो तुम यहाँ आये
मेरी ख़ुशी में तुमने भी जो लटके झटके लगाये
दीवाने इस दिल की, होती है- एक फितरत अजब
बिगड़े ये दोस्ती में- फिसले ये दोस्ती में- करे नखरे ये दोस्ती में
और पाए दोस्ती में ही रब || - २
दुआ है खुदा, यदा कदा सदा-
रहे ये दोस्ती शलामत
जब भी मिले - दिलो जान से मिले
हम मस्त जवान दोस्ती के, जब हो साथ तो फिकर क्या
एक और पड़ाव जिंदगी के सफ़र का
मेरा जन्मदिन, 
दे गया जो खुशियाँ- मैं तो बेखबर था ||

1 comment:

  1. Amresh good birthday party it seems... Whose b day was that...Yours or your friends? cakes are seen on every cheeks... Ok then by the by as told u last time the problem of my blog is over.... it is perfectly on line ..thanks you may surely take a tour on the photosection ...certainly you will enjoy www.sudeshdjvindia.blogspot.com

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